लेमेगेटन के आधुनिक संस्करण में Sloane 3825
जोसेफ़ एच. पीटरसन अपने लेमेगेटन संस्करण का बड़ा हिस्सा Sloane MS 3825 पर आधारित करते हैं। उनकी भूमिका इसे Lemegeton Clavicula Salomonis शीर्षक देती है और Goetia तथा बाद के ग्रंथों के पाठों की तुलना अन्य पांडुलिपियों और पुराने मुद्रित स्रोतों से करती है। इस संबंध ने Lesser Key की चर्चाओं में संग्रह-संख्या को प्रमुख बनाया है। संस्करण पर्ण-संकेत और पढ़ने योग्य पाठ-प्रतिलेखन देता है, पर ये पीटरसन की प्रस्तुति हैं। जिल्दबंद पांडुलिपि की विशेषताएँ, जिनमें सुधार, छूट और पास के पाठों का क्रम शामिल हैं, उस वस्तु के अलग प्रमाण बने रहते हैं।
एक पांडुलिपि-ग्रंथ में तीन अनुष्ठानिक प्रणालियाँ
सूची के पर्ण-विभाजन तीन बड़े खंड बताते हैं: Janua magicae reserata, मिस्री जादू पर छोटा पाठ और फ़्रांसीसी Clavicle of Solomon। उन्हें साथ रखने से उनकी अलग अनुष्ठानिक व्याकरण मिटती नहीं। Janua की सामग्री नामित आध्यात्मिक पदानुक्रम और अनुष्ठानिक तालिकाओं से प्रवेश व्यवस्थित करती है; Clavicle की परंपरा प्रार्थना, उपकरण, ग्रहीय समय और पेंटैकलों के आसपास प्रयोग बनाती है; मिस्री खंड बीच में छोटा पुल है, जिससे पूरा पांडुलिपि-ग्रंथ मिस्री कृति नहीं बन जाता। पर्ण 96 और 100 के स्पष्ट विराम महत्त्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे एक तर्क खोलते लेखक के बजाय प्रणालियाँ जोड़ते संकलनकर्ता को दिखाते हैं। पूरी वस्तु को «लेमेगेटन» कहने से वही प्रमाण खो जाता है जो इस पांडुलिपि-ग्रंथ को रोचक बनाता है।
उदाहरण सहित तुलना: Janua और Clavicle में प्राधिकार का बँटवारा अलग है
Janua और Clavicle की सामग्री अनुष्ठानिक प्राधिकार के प्रश्न का अलग उत्तर देती है। Janua जैसी पद-व्यवस्था में प्राधिकार क्रमबद्ध नामों, पदों और तालिकाओं से दिखता है: साधक आत्मा को सुव्यवस्थित आकाशीय प्रशासन में स्थान देता है। Clavicle की प्रक्रिया में तैयारी से प्राधिकार इकट्ठा होता है: उपवास या प्रार्थना, उपकरणों का अभिषेक, सही घंटा और आकृति के चारों ओर लिखे दिव्य नाम। एक प्रणाली प्राणियों की शृंखला पर बल देती है; दूसरी अधिकृत अनुष्ठानिक स्थान को अनुशासन से बनाने वाले साधक पर। पाठों को एक जिल्द में रखने से पाठक इन प्रतिरूपों के बीच जा सकता है, लेकिन उनकी तकनीकें एक-दूसरे की जगह लेने योग्य नहीं बनतीं।
सूची का विरोधाभास संरचना पर प्रश्न उठाता है
लेमेगेटन के रूप में पहचान और पर्णों के वर्तमान सार में अंतर केवल नामों की समस्या नहीं है। प्रश्न यह है कि क्या आधुनिक संपादक को ऐसी सामग्री मिली जिसे अब दूसरा शीर्षक दिया जाता है, क्या उसने सूची की अलग अवस्था पर भरोसा किया, या क्या उसने संबंधित अनुष्ठानिक पाठों को पुस्तकालय से अधिक व्यापक समूह में रखा। Janua magicae reserata के बाद का आंतरिक विराम और आगे की फ़्रांसीसी Clavicle जाँचे जा सकने वाले बिंदु देते हैं: पाँच भागों वाली Lesser Key की बड़ी संरचना इन तीन खंडों से अलग होनी चाहिए। भौतिक क्रम और संपादकीय विवरण का मेल स्पष्ट होने तक «Sloane 3825» से जोड़े गए विशिष्ट पाठों को किसी खास पाठ-परत का दावा समझना चाहिए, जिल्द के हर पर्ण का अपने-आप बना विवरण नहीं।
विधा की सीमा पर ही भाषा भी बदलती है
सूची अंग्रेज़ी और फ़्रांसीसी सामग्री दर्ज करती है, और फ़्रांसीसी Clavicle नए पर्ण-समूह से शुरू होती है। इस मेल का अर्थ है कि अनुवाद और विधा को अलग-अलग नहीं समझा जा सकता। फ़्रांसीसी तकनीकी पद किसी अंग्रेज़ी नकलकर्ता के चुने पर्याय के बजाय अलग स्रोत-परिवार से आया हो सकता है; प्रार्थनाओं और उपकरणों का बदलाव केवल भाषा के बजाय Clavicle की परंपरा का हो सकता है। इसलिए यह पांडुलिपि-ग्रंथ सारी सामग्री के लिए एक शब्दावली बनाने पर प्रश्न उठाता है। मिलते-जुलते नाम पदानुक्रम की तालिका, छोटे मिस्री नोट और सुलैमानी प्रार्थना में अलग काम कर सकते हैं। स्थानीय संदर्भ तय करता है कि शब्दों का मेल निरंतरता है या संयोग।
पुस्तकालय का वर्तमान विवरण अलग है
ब्रिटिश लाइब्रेरी के वर्तमान सार्वजनिक सूची-पृष्ठ में Sloane MS 3825 के पर्ण 3–96 को Janua magicae reserata, पर्ण 96v–99v को मिस्री जादू और पर्ण 100–179 को फ़्रांसीसी Clavicle of Solomon बताया गया है। उस सार में लेमेगेटन की पहचान नहीं की गई। पुस्तकालय तिथि के खाने में 1740 भी रखता है, जो संभवतः पांडुलिपि की देखरेख के इतिहास से जुड़ा है; इसे भीतर की हर कृति की रचना-तिथि नहीं समझना चाहिए। ये विवरण अपने-आप पीटरसन के निरीक्षित पाठ-प्रतिलेखन को गलत नहीं सिद्ध करते, लेकिन ऑनलाइन पाठक के लिए पाठ-साक्ष्य की पहचान अनसुलझी छोड़ते हैं।
क्या अनसुलझा है
पीटरसन की लेमेगेटन के रूप में पहचान और ब्रिटिश लाइब्रेरी का वर्तमान सामग्री-सार Sloane MS 3825 के अलग विवरण देते हैं। सूची उसके पर्णों में Janua magicae reserata, मिस्री जादू और फ़्रांसीसी Clavicle गिनाती है, लेकिन उस सार में लेमेगेटन का नाम नहीं लेती। केवल दोनों सार्वजनिक सारों से इन विवरणों का मेल नहीं बैठता। पुस्तकालय की 1740 तिथि भी हर कृति के लिखे जाने के बजाय संग्रह के इतिहास से जुड़ी लगती है। Sloane 3825 महत्त्वपूर्ण और उल्लिखित पाठ-साक्ष्य बना रहता है, लेकिन पुस्तकालय के वर्तमान पर्ण-विवरण के सामने पीटरसन की इस्तेमाल की गई सामग्री की पहचान अनसुलझी है।
