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भाषा · पांडुलिपियाँ · स्वीकृति और प्रभाव का इतिहास

एनोखियन संदर्भ: भाषा, आह्वान, एथिर और आरेख

नील रंग की संदर्भ-पुस्तकें, एक खुला खाली पृष्ठ और आवर्धक काँच।

देवदूतीय भाषा, कुंजियाँ, एथिर, महान तालिका और बाद के एनोखियन आरेख अलग-अलग दस्तावेज़ी परतों से संबंधित हैं।

जॉन डी और एडवर्ड केली के देवदूतीय अभिलेखों में अक्षरों की जालियाँ, कुंजियाँ और तीस एथिरों के वृत्तांत शामिल हैं। बाद के संस्करणों और गूढ़ विद्या के संघों ने इस सामग्री को अलग-अलग ढंग से व्यवस्थित किया।

संदर्भ सामग्री देखें

भाषा और नामएनोखियन क्या है? डी की “एंजेलिकल” भाषा और बाद के नामडी और केली की एंजेलिकल भाषा, उसके लिखित स्रोतों और बाद में मिले एनोखियन नाम का ऐतिहासिक परिचय।और पढ़ें →शब्द और अनुवादएनोखियन शब्द और अनुवाद: शब्दकोश की सीमाएँजानें कि एंजेलिकल शब्द-सूचियाँ डी की कुंजियों से कैसे बनती हैं और साक्ष्यों की कमियाँ आधुनिक एनोखियन अनुवाद को कैसे सीमित करती हैं।और पढ़ें →कुंजियाँ और आह्वान48 एनोखियन कुंजियाँ, लेकिन 19 आह्वान क्यों हैं?डी की पांडुलिपि के शीर्षक अड़तालीस एंजेलिकल कुंजियाँ और बाद में प्रचलित उन्नीस आवाहनों के संक्षिप्त नाम का अंतर समझें, जिसमें तीस एथिर भी शामिल हैं।और पढ़ें →एथिर और पृथ्वीतीस एथिर और पृथ्वी के इक्यानवे भागडी के एथिरों को Liber Scientiae के पृथ्वी के विभाजनों के साथ पढ़ें, फिर क्राउली की बाद की दर्शन-आधारित व्याख्या को उनसे अलग पहचानें।और पढ़ें →महान तालिका का इतिहासमहान तालिका (Great Table) और प्रहरी मीनारों के आरेख अलग क्यों होते हैंजानें कि डी की महान तालिका, कासॉबन की मुद्रित पाठ-प्रति और बाद की तत्व-संबंधी प्रहरी-मीनार व्यवस्थाएँ अक्षरों, विभाजनों और रंग में कैसे अलग हैं।और पढ़ें →क्रिस्टल-दर्शन के अभिलेखडी और केली की स्क्राइंग डायरियाँ: उन्हें कैसे पढ़ेंडी और केली के देवदूत-संवादों में उद्धृत कथनों, लिपिकों की नकलों, गायब पत्तों और बाद के मुद्रण को समझें।और पढ़ें →

पांडुलिपियाँ और शोध

  1. ब्रिटिश लाइब्रेरी, Sloane MS 3188 (1581–83 की वार्ताएँ) ↗
  2. ब्रिटिश लाइब्रेरी, Sloane MS 3189 (Liber Logaeth) ↗
  3. ब्रिटिश लाइब्रेरी, Sloane MS 3191 (कुंजियाँ, Liber Scientiae, Heptarchia) ↗
  4. Christopher L. Whitby, John Dee’s Actions with Spirits (बर्मिंघम विश्वविद्यालय का शोधप्रबंध, 1982) ↗
  5. Deborah E. Harkness, John Dee’s Conversations with Angels (Cambridge University Press) ↗