पिकाट्रिक्स आकाशीय जादू पर अरबी ग्रंथ ग़ायत अल-हकीम का मध्यकालीन लैटिन रूप है। आधुनिक संस्करणों के नए पाठकों तक पहुँचाने से पहले उसके विचार अरबी, कास्तीली, लैटिन और हिब्रू परिवेशों से गुज़रे।
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कृति आगे कैसे पहुँची
अरबी रचना बाद के लैटिन पाठ के समान नहीं है। सत्रहवीं सदी की प्रति में बचा तेरहवीं सदी के अनुवाद का दावा सुरक्षित राजकीय आदेश जैसा नहीं है। किसी हिब्रू कोडेक्स में सूचीबद्ध प्रतीक पिकाट्रिक्स की मुहरों के सार्वभौमिक संग्रह का प्रमाण नहीं है। आधुनिक संस्करण शोधपरक पुनर्निर्माण है, पांडुलिपि की प्रतिकृति नहीं। वादा किए जादुई प्रभाव का विवरण ऐतिहासिक विश्वास का साक्ष्य है, प्रभाव घटित होने का प्रमाण नहीं।
ग्रंथ ने ब्रह्मांड-विचार, आकाशीय संबंध, सामग्री और छवियाँ एकत्र कीं। अरबी, कास्तीली, लैटिन और हिब्रू परिवेशों में उसका प्रसार दिखाता है कि लोगों ने विरासत में मिले विचार कैसे चुने और नए ढाँचे में रखे। Penn State University Press व्यापक मार्ग और कृति के अनेक स्रोतों का सार देता है। ब्रिटिश लाइब्रेरी के अभिलेख बाद की दो वस्तुओं को ठोस आधार देते हैं। Warburg के अभिलेख उन आधुनिक अरबी और लैटिन संस्करणों की पहचान करते हैं जिन्हें शोधकर्ता अक्सर उद्धृत करते हैं।
स्रोतों के अभिलेख
- Penn State University Press, अट्रेल और पोरेका, Picatrix (2019) ↗
- ब्रिटिश लाइब्रेरी, Or 9861 का सूची-अभिलेख ↗
- ब्रिटिश लाइब्रेरी, Sloane MS 1305 का सूची-अभिलेख ↗
- Warburg Institute का पुस्तकालय, ग़ायत अल-हकीम का रिटर संस्करण (1933) ↗
- Warburg Institute का पुस्तकालय, लैटिन पिकाट्रिक्स का पिंग्री संस्करण (1986) ↗
