अयनांश सायन राशि चक्र के विषुव पर आधारित आरंभबिंदु और चुने हुए निरयण आरंभबिंदु के बीच का कोणीय अंतर है। आधुनिक ग्रह-सारणियाँ आम तौर पर उस तारीख का यह अंतर सायन देशांतर पर लागू करके निरयण क्रांतिवृत्तीय देशांतर निकालती हैं। परिणाम इस पर निर्भर है कि गणक कौन-सा आरंभबिंदु और अयनचलन की पद्धति चुनता है। कुंडली में देशांतरों के साथ अयनांश का नाम और तारीख छपनी चाहिए।
मूल गणना
गणना के एक उदाहरण के लिए मानें कि कोई पिंड सायन मेष के 15° पर है (निरपेक्ष देशांतर 15°) और उस तारीख का चुना हुआ अयनांश 24° है। घटाने पर −9° मिलता है, फिर 360° जोड़ने से वह चक्र में घूमकर 351° होता है: निरयण मीन के 21°। उदाहरण में गोल संख्याएँ हैं, किसी खास तारीख की ग्रह-सारणी का मान नहीं।
अयनचलन का प्रभाव समय के साथ बढ़ता है, इसलिए अयनांश का एक मान हर वर्ष के लिए नहीं चल सकता। नामित पद्धतियों के बीच यह अंतर भी बदल सकता है। यदि कोई ग्रह राशि की सीमा के इतना पास हो कि उसकी दूरी दो विकल्पों के अंतर से कम हो, तो छपी हुई निरयण राशि बदल सकती है।
लाहिरी नाम इतनी बार क्यों आता है
एन. सी. लाहिरी भारत की कैलेंडर सुधार समिति में थे, और स्थितीय खगोल विज्ञान केंद्र का इतिहास उन्हें पंचांग इकाई का पहला प्रभारी अधिकारी बताता है। केंद्र का राष्ट्रीय पंचांग अपने इस्तेमाल किए अयनांश को प्रकाशित करता है और स्थिर आरंभबिंदु की अपनी पद्धति समझाता है। ये स्रोत व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला मानक स्थापित करते हैं; इनका अर्थ यह नहीं कि सभी भारतीय ज्योतिषी कुंडली की एक ही सेटिंग इस्तेमाल करते हैं।
जब कोई गणक अपनी सेटिंग को ‘लाहिरी’ कहता है, तो ग्रह-सारणी और अयनचलन के मॉडल के लिए उसके दस्तावेज़ भी पढ़ें।
दो निरयण कुंडलियों में अंतर क्यों हो सकता है
| जाँच का विषय | क्या अलग हो सकता है | क्या दर्ज करें |
|---|---|---|
| अयनांश | शून्यबिंदु और उस तारीख का कोणीय अंतर | मानक पद्धति का पूरा नाम |
| समय | ऐतिहासिक स्थानीय समय का अंतर, डेलाइट सेविंग और जन्म समय की सटीकता | दर्ज स्थानीय समय और यूटीसी में उसका रूपांतरण |
| स्थिति का मॉडल | ग्रह-सारणी, आभासी/माध्य स्थिति का चुनाव और अयनचलन का संदर्भ-ढाँचा | गणना के दस्तावेज़ |
| कुंडली के भावों का परिणाम | जन्मस्थान और चुना हुआ भाव-विभाजन | निर्देशांक और भाव की सेटिंग |
एक बार में एक सेटिंग की तुलना करें। हर ग्रह के देशांतर में लगभग समान अंतर पहले राशि चक्र या अयनांश के अंतर की ओर संकेत करता है; किसी एक अंतर का कारण कुछ और हो सकता है। यह कारण पहचानने का सुझाव है, किसी खास सॉफ़्टवेयर की त्रुटि का प्रमाण नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या अयनांश कोई ग्रह है?
नहीं। यह दो राशि चक्रों के आरंभबिंदुओं के बीच कोणीय निर्देशांक का अंतर है।
क्या मैं जन्म की पुरानी ग्रह-स्थिति से आज का अयनांश घटा सकता हूँ?
कुंडली की तारीख के अनुकूल अंतर और वही संदर्भ-पद्धति इस्तेमाल करें। वैदिक कुंडली उपकरण को लागू किए गए मान और पद्धति बताने चाहिए।
क्या नक्षत्रों पर भी वही सेटिंग लागू होती है?
राष्ट्रीय पंचांग की प्रकाशित व्याख्या कहती है कि नक्षत्रों की गणना में बदलता अयनांश इस्तेमाल होता है। समान खंडों की परिभाषा के लिए नक्षत्र मार्गदर्शिका देखें।
